09 January 2013

पीर मन की


पीर मन की
कहने बह चले
निःशब्द आँसू

-हेमन्त रिछारिया
फेसबुक से साभार

22 December 2012

लुटी अस्मिता


लुटी अस्मिता
हवा की सिसकियाँ
बनी गवाह

-रेखा नायक रानो

20 December 2012

कँपकँपाते


कँपकँपाते
जमते सर्द दिन
 अलाव ढूँढ़ें

-डा० सरस्वती माथुर
[फेसबुक से साभार]

बीनते रहे


बीनते रहे
सुखों की कतरन
गुजरी उम्र

-योगेन्द्र वर्मा
[फेसबुक से साभार]